कहानी

पता क्या है उसे, जाने दस्तक किसकी? घड़ी की, दरवाज़े पे, गुलदस्ते की लकीर जिसकी। नये साल की मिसाल क्या-क्या नहीं कहेगी, कहानी थी, कहानी है, और कहानी ही रहेगी। संकल्प हैं कुछ नये, रिश्ता भी है नया, चल रही बयार है, मिला है नया वाकया। किस्सों की रेलगाड़ी हर […]

मैं नहीं जानता

. ख्यालों में, मनुष्य, इंसान में, फर्क, अंतर, भेद है, लोग गलती करके कहते हैं, असुविधा के लिए खेद है, लेकिन मैं अगर यही कहूँ तो कोई मुझे न मानता, क्यों दुनिया है इतनी रूठी मुझसे, मैं नहीं जानता। अल्फाज़ मेरे मुझसे बिछड़ गए हैं, जाने गए कहाँ, दूजों की […]