मैं नहीं जानता

. ख्यालों में, मनुष्य, इंसान में, फर्क, अंतर, भेद है, लोग गलती करके कहते हैं, असुविधा के लिए खेद है, लेकिन मैं अगर यही कहूँ तो कोई मुझे न मानता, क्यों दुनिया है इतनी रूठी मुझसे, मैं नहीं जानता। अल्फाज़ मेरे मुझसे बिछड़ गए हैं, जाने गए कहाँ, दूजों की […]